Monday, May 22, 2017

शंसयमा दोस्रो निर्वाचन


कैलास दास
पहिल चरणके स्थानीय तहके निर्वाचन सम्पन्न पश्चात् मतगणना भ रहल अछि । ई निर्वाचन देशक विकासके वास्ते मात्र नइँ राजनीतिक दलसभक नेपाली जनता कोन रुपमा मूल्यांकन क रहल अछि सेहो अछि । देशके प्रमुख तीन दल नेकपा एमाले, नेपाली काँग्रेस आ माओवादी केन्द्र बीच अखनधरि प्रतिस्पर्धा देखबामे आएल अछि जाहिमे नेकपा एमाले आ काँग्रेस लगभग बराबरीमे अछि त माओवादी केन्द्र पहिलेके वनिस्पत अपन जनाधार गमओने बुझाइत अछि ।
मुदा पैघ बात ई अछि जे प्रबुद्ध वर्गसभ जाहि रुपमे दलसभके मूल्यांकन कएने छल परिणाम ओकर उलटा आबि रहल अछि । तीन टा प्रदेश के ३४ जिलामे निर्वाचन भेल अछि आ ओ विशुद्ध रुपमे पहाड़ी क्षेत्र अछि । कहबाक अर्थ जे जखन मधेशमे अधिकारक लेल आन्दोलन चलि रहल छल ओहि समयमे नेकपा एमालेक अध्यक्ष केपी ओली शर्माक भाषण आगिमे घीके काज करैत छल । जाहिसँ मधेशके प्रबुद्ध वर्गसभ एहि निर्वाचनमे एमाले ७० प्रतिशतसँ बेसी सीट लाओत अनुमान कएने छल  मुदा, अखन स्पष्ट भ रहल अछि जे एहि देशके जनताके विभाजन कराबए बला नेता अछि जनता नइँ । 
पैघ भाषण आ राष्ट्रियता देखाबए बला एमालेक नेतासभ निर्वाचनक परिणामक चिन्तामे डूबल अछि ।  किएक त अखण्ड नेपाल आ राष्ट्रियता मात्रे एमालेमे अछि से नारा लगा क मिडियामे बरोबरि चर्चामे बनल रहल मुदा, पहिल चरणके निर्वाचनक परिणाम जाहि रुपेँ आबि रहल अछि एहिसँ स्पष्ट होइत अछि जे एमाले पार्टीके केन्द्रीय मिडिया प्रचारवाजीक काज करैत अछि, आ से सर्वसाधारण जनता स्पष्ट रुपमे बूझि रहल अछि । जाहि रुपमे केन्द्रीय मिडियासभ एमाले पार्टीके गुणगान आ एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओलीके भाषणके चर्चाके विषय बनबैत छल आइ उएह मिडिया निर्वाचनक परिणके विश्लेषण करएमे पछा पड़ल अछि ।
नेपालमे शान्ति व्यवस्था, आर्थिक उन्नतिके लेल घर–घरमे ग्यासक पाइपलाइन, लोडसेडिङ्ग मुक्त देश मात्र निर्माण नइँ मधेशी पहाड़ी बीच द्वन्द्व फैलाबएमे एमाले सफल त भेल मुदा, आइ जनता भाषणबाजी कएलासँ पैघ दल नइ, विकास आ राष्ट्रके लेल काज कएला सँ होइत अछि से जनता जनमतसँ स्पष्ट क चूकल अछि । 
ओना देशमे ३ टा पैघ पार्टी अछि, ओकर तुलनामे एहि निर्वाचनमे एमाले सभसँ आगू अछि एहिमे कोनो दू मत नइँ मुदा, देखबाक ई अछि जे दोसर चरणमे होबए बला निर्वाचनमे ई केहन रहत । ओना कहब अछि जे राजनीतिमे असम्भव किछु नइँ होइत अछि, उँट कखन कोन गरे बैसत तकर ठेकान नइँ । कारण जनता कखन कि करत से कहब कठिन, किएक त मधेश आन्दोलनमे सड़कपर उतरल जन समूह विगतमे भेल संविधान सभाक निर्वाचनमे मधेशी दलके ओहि अनुसारे मत नइँ देलक जेकरा उदाहरण द पैघ दल नितराइत रहल आ नितरा रहल अछि ।
अखन चारि टा प्रदेशके निर्वाचन होएब बाँकी अछि, आ एहि चारि टा प्रदेशक जनता एमालेक कथनी आ करणीसँ अखन सन्तुष्ट नइँ बुझा रहल अछि, किएक त एमालेक विभिन्न अड़ानक कारणे मधेशी, दलित, जनजातिक माङ संविधान संशोधन अखनधरि नइँ भ सकल अछि जे कि सत्ताधारी दल मधेशवादीक सल्लाह अनुसार संसदमे पेश कएने अछि ।
एखनो दोसर चरणक निर्वाचन जेठ ३१ गते होएत से अधरमे लटकल अछि, किएक त एकरो मुख्य कारक एमालेद्वारा संविधान संशोधनमे अडंगा लगाएब अछि । जाधरि संविधान संशोधन नइँ होइत ताधरि दोसर चरणक निर्वाचन लगभग असम्भव अछि से बात मधेशक भूभागमे रहल एमाले सेहो बूझि रहल अछि । मुदा तकरा बादो पहिल चरणके निर्वाचनक बाद आब अखन कहि रहल अछि जे दोसरो चरणके निर्वाचन सम्पन्न भेलाक बादे संशोधनके अडान राखि निर्वाचन भाँड़बाक काजमे लागल स्पष्ट होइत अछि । 
संविधान संशोधनक लेल एमाले आगा अबैत अछि त दोसर चरणके निर्वाचनमे दोसर नम्वरपर एमाले रहत से बुद्धिजीवीसभक कहब अछि । मुदा एमाले एखन विचलित अहू लेल अछि जे जखन पहाड़मे सेहो सोच अनुसार सीट नइँ आबि सकल त मधेशक जिलामे कही साफ नइँ भ जाए । एमालेमे परिवर्तन नइँ भेल त निर्वाचनसँ पहिने देश द्वन्द्वमे जाएबाक सम्भावना सेहो देखबामे आबि रहल अछि । एमालेक मधेशप्रतिके एहन शिर्ष नेताक वक्तव्यबाजी आ अड़ानसँ बुझाइत अछि जे ठीके मधेश त चाही मुदा मधेशी नइँ । 
विद्यापति टाइम्समा प्रकाशित

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