Monday, May 22, 2017

शंसयमा दोस्रो निर्वाचन


कैलास दास
पहिल चरणके स्थानीय तहके निर्वाचन सम्पन्न पश्चात् मतगणना भ रहल अछि । ई निर्वाचन देशक विकासके वास्ते मात्र नइँ राजनीतिक दलसभक नेपाली जनता कोन रुपमा मूल्यांकन क रहल अछि सेहो अछि । देशके प्रमुख तीन दल नेकपा एमाले, नेपाली काँग्रेस आ माओवादी केन्द्र बीच अखनधरि प्रतिस्पर्धा देखबामे आएल अछि जाहिमे नेकपा एमाले आ काँग्रेस लगभग बराबरीमे अछि त माओवादी केन्द्र पहिलेके वनिस्पत अपन जनाधार गमओने बुझाइत अछि ।
मुदा पैघ बात ई अछि जे प्रबुद्ध वर्गसभ जाहि रुपमे दलसभके मूल्यांकन कएने छल परिणाम ओकर उलटा आबि रहल अछि । तीन टा प्रदेश के ३४ जिलामे निर्वाचन भेल अछि आ ओ विशुद्ध रुपमे पहाड़ी क्षेत्र अछि । कहबाक अर्थ जे जखन मधेशमे अधिकारक लेल आन्दोलन चलि रहल छल ओहि समयमे नेकपा एमालेक अध्यक्ष केपी ओली शर्माक भाषण आगिमे घीके काज करैत छल । जाहिसँ मधेशके प्रबुद्ध वर्गसभ एहि निर्वाचनमे एमाले ७० प्रतिशतसँ बेसी सीट लाओत अनुमान कएने छल  मुदा, अखन स्पष्ट भ रहल अछि जे एहि देशके जनताके विभाजन कराबए बला नेता अछि जनता नइँ । 
पैघ भाषण आ राष्ट्रियता देखाबए बला एमालेक नेतासभ निर्वाचनक परिणामक चिन्तामे डूबल अछि ।  किएक त अखण्ड नेपाल आ राष्ट्रियता मात्रे एमालेमे अछि से नारा लगा क मिडियामे बरोबरि चर्चामे बनल रहल मुदा, पहिल चरणके निर्वाचनक परिणाम जाहि रुपेँ आबि रहल अछि एहिसँ स्पष्ट होइत अछि जे एमाले पार्टीके केन्द्रीय मिडिया प्रचारवाजीक काज करैत अछि, आ से सर्वसाधारण जनता स्पष्ट रुपमे बूझि रहल अछि । जाहि रुपमे केन्द्रीय मिडियासभ एमाले पार्टीके गुणगान आ एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओलीके भाषणके चर्चाके विषय बनबैत छल आइ उएह मिडिया निर्वाचनक परिणके विश्लेषण करएमे पछा पड़ल अछि ।
नेपालमे शान्ति व्यवस्था, आर्थिक उन्नतिके लेल घर–घरमे ग्यासक पाइपलाइन, लोडसेडिङ्ग मुक्त देश मात्र निर्माण नइँ मधेशी पहाड़ी बीच द्वन्द्व फैलाबएमे एमाले सफल त भेल मुदा, आइ जनता भाषणबाजी कएलासँ पैघ दल नइ, विकास आ राष्ट्रके लेल काज कएला सँ होइत अछि से जनता जनमतसँ स्पष्ट क चूकल अछि । 
ओना देशमे ३ टा पैघ पार्टी अछि, ओकर तुलनामे एहि निर्वाचनमे एमाले सभसँ आगू अछि एहिमे कोनो दू मत नइँ मुदा, देखबाक ई अछि जे दोसर चरणमे होबए बला निर्वाचनमे ई केहन रहत । ओना कहब अछि जे राजनीतिमे असम्भव किछु नइँ होइत अछि, उँट कखन कोन गरे बैसत तकर ठेकान नइँ । कारण जनता कखन कि करत से कहब कठिन, किएक त मधेश आन्दोलनमे सड़कपर उतरल जन समूह विगतमे भेल संविधान सभाक निर्वाचनमे मधेशी दलके ओहि अनुसारे मत नइँ देलक जेकरा उदाहरण द पैघ दल नितराइत रहल आ नितरा रहल अछि ।
अखन चारि टा प्रदेशके निर्वाचन होएब बाँकी अछि, आ एहि चारि टा प्रदेशक जनता एमालेक कथनी आ करणीसँ अखन सन्तुष्ट नइँ बुझा रहल अछि, किएक त एमालेक विभिन्न अड़ानक कारणे मधेशी, दलित, जनजातिक माङ संविधान संशोधन अखनधरि नइँ भ सकल अछि जे कि सत्ताधारी दल मधेशवादीक सल्लाह अनुसार संसदमे पेश कएने अछि ।
एखनो दोसर चरणक निर्वाचन जेठ ३१ गते होएत से अधरमे लटकल अछि, किएक त एकरो मुख्य कारक एमालेद्वारा संविधान संशोधनमे अडंगा लगाएब अछि । जाधरि संविधान संशोधन नइँ होइत ताधरि दोसर चरणक निर्वाचन लगभग असम्भव अछि से बात मधेशक भूभागमे रहल एमाले सेहो बूझि रहल अछि । मुदा तकरा बादो पहिल चरणके निर्वाचनक बाद आब अखन कहि रहल अछि जे दोसरो चरणके निर्वाचन सम्पन्न भेलाक बादे संशोधनके अडान राखि निर्वाचन भाँड़बाक काजमे लागल स्पष्ट होइत अछि । 
संविधान संशोधनक लेल एमाले आगा अबैत अछि त दोसर चरणके निर्वाचनमे दोसर नम्वरपर एमाले रहत से बुद्धिजीवीसभक कहब अछि । मुदा एमाले एखन विचलित अहू लेल अछि जे जखन पहाड़मे सेहो सोच अनुसार सीट नइँ आबि सकल त मधेशक जिलामे कही साफ नइँ भ जाए । एमालेमे परिवर्तन नइँ भेल त निर्वाचनसँ पहिने देश द्वन्द्वमे जाएबाक सम्भावना सेहो देखबामे आबि रहल अछि । एमालेक मधेशप्रतिके एहन शिर्ष नेताक वक्तव्यबाजी आ अड़ानसँ बुझाइत अछि जे ठीके मधेश त चाही मुदा मधेशी नइँ । 
विद्यापति टाइम्समा प्रकाशित

सतुवा बेचि क १३ व्यक्ति के गुजर

कैलास दास
एकटा ठेला आ ओहिपर बेसीसँ बेसी पाँच हजारक पूजीमे सुतवा । ओना ई कोनो बड़का बात नइँ अछि । गर्मीके समयमे जत–तत सतुवाके दोकान भेटैत अछि । मुदा एकटा एहन व्यक्ति जे सतुवाके दोकान क १३ व्यक्तिक परिवार मात्र नइँ चारिटा धीयापूताके वियाह सेहो कएने अछि, जाहिमे २० लाखसँ बेसी खर्च भेल अछि ।
एकटा छोट व्यापारसँ एतेक बड़का काज सहज नइँ अछि । गर्मीके मौसममे ‘सतुवा’ आ जाढ़क समयमे ‘चिनिया बदाम’ बेचि क अपनसभ धीयापूताकेँ १२ धरि सेहो पढ़ौने बात सूनि क आश्चर्य अवश्य हएत मुदा, जनकपुरधामेके एकटा एहन व्यक्ति अछि जे पढ़ा–लिखा क चारिटा धीयापूताके वियाह सेहो कएने छथि ।
जनकपुर उपमहानगरपालिका वार्ड नं. १३ रहनिहार लक्ष्मण साह आ लालबाबु साह २७ वर्षसँ ठेलापर सतुवा बेचैत आबि रहल छथि । ओना किछुए वर्ष पहिने दुनू भाइ भिन (अलग) भ चूकल छथि । ओ दुनू भाइ अपने नइँ पढल–लीखल होइतो अपन बच्चाके शिक्षित बनाबएमे सफल छथि ।
लक्ष्मण साह कहैत छथि — ‘हम २७ वर्षसँ ‘सतुवा’ आ ‘चिनिया बदाम’ बेचैत आबि रहल छी । दोकान त हमर पहिने जेहन छल एखनो ओहने अछि मुदा, धीयापूताके पढ़ालिखा क वियाह सेहो क अपन व्यापारसँ खुश छी । दू टा लड़का आ एकटा लड़की हमरा अछि, त बड़का भैयाके चारि टा लड़की आ  दू टा लड़का अछि । भैयाके चारि टा हमर एकटा लड़कीके वियाह भ चूकल जाहिमे करीब २० लाखसँ बेसी खर्च भेल अछि । ’
ओ आगा कहैत छथि — पाँच भइ मध्ये हम आ लालबाबु भैया संगहि सतुवा बेचैत छली । ओहि दोकानसँ एखनधरि ८ टा धीयापूताके पढ़ा–लिखाके पएरपर खड़ा क देने छी । गरीवीक कारणे हमसभ त नइँ पढिलिख सकली मुदा अपन धीयापूताके शिक्षित बना देने छी । आब एकटा मात्र चिन्ता अछि जे कोनो बेटाके सरकारी नोकरी भेट जाइत हम अपनाके सफल बूझिती ।
लक्ष्मण साह एखनो भोर पाँच बजेसँ साँझ ६ बजेधरि रामानन्द चौकमे सतुवा बेचि रहल अछि । हम सतुवा बेचि क एतेक क देली मुदा आब धीयापूताके नोकरी नइँ भेटत त कोनो व्यापारेमे लगाएब हुनक कहब छनि । २७ वर्ष पहिने एक गिलास सतुवा बेचि क मुश्किलसँ डेढ़ रुपैया अबैत छल, एखन २५ रुपैयामे बेचि रहल छी । एखनो दिनके एक हजारसँ डेढ़ हजार रुपैया सतुवा बेचि क कमा लैत छी ओ कहैत छथि ।
निक स्वभाव आ पुरान दोकान भेलाक कारणे एखनो सभसँ बेसी रामानन्द चौकपर हुनके सतुवाक दोकान चलैत अछि से स्थानीयवासीके कहब छैक । जे हुअए मुदा छोटछिन व्यापारसँ अपन परिवारके शिक्षित बनाबएमे लक्ष्मण साह सफल रहल स्थानीय सभक कहब छनि ।

Sunday, May 14, 2017

मधेशवादी दलक अग्नी परीक्षा

कैलास दास
स्थानीय निर्वाचन बैशाख ३१ आ जेठ ३१ गते होएबाक सरकार निर्णय कएने अछि । ताहि मध्ये आइ (रविदिन) प्रदेश नं. ३, ४ आ ६ मे शान्तिपूर्ण ढंगसँ निर्वाचन भ रहल अछि । मुदा मधेशक जिलामे ने त खुशीए अछि आ नइँ विस्माद । मधेश सहितक प्रदेश नं. १, २, ५ आ ७ मे जेठमे निर्वाचन हएत सोहो निश्चित अछि ।
ई स्थानीय निर्वाचनसँ मधेशी जनतासभके एकटा दिन आवश्य स्मरण अबैत अछि, ओ अछि ‘२०७२ आसिन ३ गते’ जाहि दिन नेपालक संविधान लागू कएल गेल आ मधेश ओकर विरोधमे ब्ल्याक आउट कएने रहए । आइ ओहि दिनके किएक मधेशक नेतृत्व करएबला दल विसरि गेल । जाहि दिन नव संविधान जारी भेल ओहि दिन देशक आधा जनसंख्या ‘दीपावली’ आ आधा जनसंख्याँ ‘कारी’ दिनके रुपमे मनोओने छल ।
ई संविधान मधेश विरोधी अछि, कहि मधेशमे बड़का आन्दोलन भेल जहिमे पाँच दर्जनसँ बेसी मधेशी सपूतके शहादत देब पड़लै । एक दिश शहादत देनिहारके संख्याँ बढ़ि रहल छल, त दोसर दिश मधेशक नेतृत्वकारी दल अपन पीठ अपने थपथपबैत रहल आ आइ  निर्वाचनक तैयारीमे लागल अछि आ किछ त बैशाख ३१ ग्तेके निर्वाचनमे सहभागियो भेल अछि ! की जाहि वास्ते मधेशी सपूत अपन शहादत देलनि ओ पूरा भ गेल ? आ जओं नइँ भेल त किया मधेशवादी किछ दल निर्वाचनमे भाग लेने अछि आ किछु मौन धारण कएने !
६ दल मिल क बनल ‘राजपा’ आ संघीय समाजवादी फोरम नेपाल बीचक गठबन्धन आन्दोलन किएक ‘ब्याक’ भेल शंकाक विषय बनल अछि । निर्वाचनके मिति घोषणा संगहि मधेशवादी दल आन्दोलनके घोषणा कएने छल ओ दिन मधेशी जनता नइँ बिसरल अछि । पहिने संविधान संशोधन तकर बाद निर्वाचन, नइँ त फेरसँ आन्दोलन । मुदा आइ ‘सिंहदबार’ कोन एहन जादूके छड़ी घुमओलक जे शहीदक सपना सपने रहल सन बूझि पड़ैत अछि । आब देखबाक ई अछि जे नव गठित राजपा नेपाल जेठ ३१ ग्तेक चुनावमे यथा स्थितिमे सहभागी होइत अछि वा संविधान संशोधनक बाद । ओना अखनुक स्थितिके देखैत ई पूछब आवश्यक जे कहियाधरि मधेशी जनताके साथ ‘झिझिर कोना’ खेल होइत रहत ।
एखनो निर्वाचनके विरोध नइँ भ रहल अछि से बात नइँ अछि मुदा, विरोध केहन सेहो मधेशी जनता बूझि रहल अछि । ‘हम निर्वाचनमे भाग नइँ लेब, मुदा निर्वाचन विरोधी सेहो नइँ छी,’—राजपा नेता राजेन्द्र महतोके कहब छनि । ओना लोकतंत्रक आधारस्तम्भ निर्वाचन होइछ तहन केहन निर्वाचन, आमजनके स्वेच्छासँ वा कि पूर्व राजा ज्ञानेन्द्रक अनुशरण करैत ? मधेशवादी दल आ दलक नेताक लेल अखन अग्नि परीक्षा अछि, आब देखबाक ई अछि जे परीक्षामे सफल होइत अछि वा आत्म समर्पण करैत अछि ।
सबसँ आश्चर्यक बात त इ अछि जे आन्दोलन क्रममे लोकप्रियता कमाएवाला स्थानीय नेतासब सेहो अखन निर्वाचनक तयारीमे जूटल अछि । मधेश आन्दोलनके क्रममे अर्बो रुपैयाक क्षति सहलनि व्यापारी लोकिन ‘अधिकारे वास्ते’ । आइ व्यापारी लोकनि सेहो कुण्ठित अछि वर्तमानक अवस्थासँ । निर्वाचनक विरोधमे मधेशी जनता अछि से बात कदापि स्वीकार नइँ कएल जा सकैत अछि । मुदा मधेशवादी दल ‘सिंहदवार’मे पहुँचबाक होड़बाजीक दौड़मे अगुवाइ करबाक लेल बियाकुल बुझाइत अछि ।

रहल बात जनताक त सब सजग अछि, सचेत अछि आ भावनाक संग खेलएबलाके जबाब देबाक लेल सेहो तैयार अछि । आब जेठ ३१ गतेसँ पहिने शहादत देनिहारके सपना पूरा हएत कि सपना सपने रहि जाएत देखबाक बाँकी अछि ।

पान बेचि क डाक्टर—इन्जिनियर

कैलास दास
एकटा साधारण पान दोकान खोलि क घर निर्माण आ बेटाबेटीके वियाह मात्र नइँ डाक्टर आ इन्जिनियर बनौलक से बात सूनि क आश्चर्य लागि सकैत अछि । कियाक त सबसँ कम पूँजीमे पान आ चाहक दोकान मात्र सम्भव होइत अछि । मुदा ओहिके कमाइसँ धीयापूताकेँ उच्च शिक्षा देब, घर बनाएब, बियाहदान करब सन काजक बारेमे सूनि ककरो आश्चर्य लगनाइ स्वाभाविके अछि मुदा, बात सोलहो आना सत्य अछि ।


जनकपुर उपमहानगरपालिका वडा नं. २ रहनिहार कैलाश साह एकटा साधारण पान दोकान खोलि क जनकपुरधाम बासीके लेल प्रेरणाक श्रोत भ सकैत अछि । एकटा कहबी अछि, काज कठिन भ सकैछ मुदा, असम्भव नइँ । ओकर एकटा उदाहरण छथि जनकपुरधामक ५५ वर्षीय कैलाश साह ।
ओ करीब ३५ वर्षसँ जनकपुरधाममे पान बेचबाक काज करैत आबि रहल छथि । पाँचसँ २० वर्षके उमेर पढ़बाक–लिखबाक होइत अछि मुदा, जखन कैलाशक पढ़–लिखएके उमेर रहैक ओहि समय हुनका नोकरी कर पड़लनि आ तहिएसँ ओ पान बेच लगलाह । घरक आर्थिक अवस्था कमजोर भेलाक कारण ओ स्वयं त नइँ पढ़ि सकलाह मुदा, अपन बालबच्चाके जे उच्च शिक्षा देलनि अछि ओ एहि सामाजक लेल एकटा उदाहरण अछि ।
सरकारी नोकरी करएबला हुअए वा व्यापारी आ कि कृषक सबके अपन बाल–बच्चाके डाक्टर, इन्जिनियर बनाबएमे कठिन काज मात्र नइँ असम्भव बुझाइत रहैत अछि ओहि ठाम अपन संघर्षक बलपर छोटछिन पान दोकान खोलि क कैलाश साह एकटा बेटाके डाक्टर आ दोसर बेटाके इन्जिनियर बनाबएमे सफल भेल छथि ।
साहके चारि टा धीयापूता मध्ये दू टा बेटा आ दू टा बेटी अछि । ओ अपन दुनू बेटीके एम.बी.एस. करओलनि । एक टा बेटीके वियाह सेहो क चूकल छथि ।
साहक जेठ बेटा संजय कुमार साह डक्टर छथि आ ओ विराटनगर स्थित नोवेल होस्पिटलमे कार्यरत छथि आ ओहिसँ छोट बेटा अजय कुमार साह इन्जिनियर छथि जे अखन भूकम्प पीडितसभक क्षेत्रमे कार्यरत छथि ।
मिथिलाञ्चल क्षेत्रमे देहज लेबाक परम्परा अछि । मुदा कैलाश साह ओ परम्परा तोडबाक लेल अपन जेठ पूत्र संजय साहके डाक्टर बनओलाक बादो आदर्श बियाह सुनिश्चित क चूकल छथि से जानकारी देलनि अछि ।
अपन बालबच्चाके एहि स्तरके बनओलाक बादो एखनधरि ओ भोरे ८ बजेसँ राति १० बजेधरि पान दोकान चलबैत छथि ।

हुनक निक व्यवहारक कारणे मात्र नइँ बढ़ियाँ पानक लेल सेहो हुनक पान दोकानपर भीड़ लागल रहैत छैक । कुशल आ सक्षम व्यापारी ओ अखनो पहिनहि जेकाँ ग्राहक संग व्यवहार करैत छथि । नम्र व्यवहारा आ कम बजनिहार कैलाश साह अपन परिवारक लेल सफल अभिभावक मात्र नइँ एहि सामाजक लेल संघर्ष करबाक प्रेरणाक श्रोत छथि ।

Monday, May 8, 2017

मधेश आन्दोलनक सार्थकता आ मधेशवादी दल

कैलास दास
वर्तमान अवस्थामे किछ मधेशवादी दलसभक रबैया देख क मधेशी जनता दूविधामे पड़ल अछि ‘खुशी मनाबी कि मातम’ । जाहि अडानक कारणे मधेशमे दर्जनो जनता शहादत द देलनि हुनकासभक लेल आइ दीया बारि क ‘दीयाबाती’ मनाबी कि विजली पोलक बलसब फोडि़ क ‘ब्ल्याक आउट’ करी । जाहि सड़कपर युवासबके उपर शासक वर्ग गोली चलबौने रहए ओहि सड़कके साफ करी कि फेरसँ टायर बारि क धूवाँ(धुक्कुर करी ।

मधेशवादी किछ दल जाहि संविधानक मस्यौदा लाबएसँ संविधान जारी हुअधरि विरोध मात्र नइँ कएलक अपितु मधेशी जनता शहाद सेहो देलनि आइ ओही संविधानक धारा स्वीकार क चुनावी प्रक्रियामे गेल अछि । ओतबे नइँ एक तरफ संगठित होएबाक बढि़याँ संकेत देलक अछि त दोसर दिश विभाजन भ कमजोर होएबाक दुःखद समाचार सेहो । ओहूसँ बेसी पैघ बात ई अछि जे मधेशवादी दलसबके प्रमुख माङ छल स्थानीय तहक निर्वाचनसँ पहिने संविधान संशोधन । संविधान संशोधन नइँ भेल त निर्वाचन बहिष्कार मात्र नइँ आन्दोलन करबाक चेतावनी सेहो देने छल ।
मधेश आन्दोलनमे सबसँ महत्वपूर्ण भूमिका खेलएबला संघीय समाजवादी फोरम नेपाल, जेना विगत सालमे भूकम्प आएल आ क्षणमे स्वाहा क देलक तहिना ओ मधेशी जनताक भावना विपरित निर्वाचनमे भाग ल मधेश मुद्दाके धोन्हराह करबाक सम्भावना बढ़ा देलक अछि । दोसर दिश मधेशवादी ६ दल एकीकृत भ राष्टूीय जनता पार्टी नेपाल नामाकरण क क बढि़याँ संकेत देबएमे सफल त भेल मुदा, जाहि सरकारके संविधान संशोधन कराबएमे असक्षम कहि सरकारसँ समर्थन फिर्ता लेने छल ओहि सरकारके संविधान संशोधन हएत ताहि आशमे फेर समर्थन कएलक अछि कारण जेराप्रपा सरकारसँ समर्थन फिर्ता लेबाक घोषणा बिच्चहिमे क देलक । आब संविधान संशोधन हएत कि नइँ सेहो शंका करबाक पर्याप्त जगह अछि अतीतके देखैत ।
किछुए दिन पहिने नेपाली काँग्रेस, एमाले, माओवादी निर्वाचनक तैयारीके  बात करैत छल त ओकर कार्यक्रमके भाँडबाक काम फोरम सेहो कएने रहए मुदा, आइ कोन एहन चमत्कार भ गेलैक जे निर्वाचनमे सहभागी होएबाक बाध्यता बुझएलैक । जहाँधरि सत्तापक्षद्वारा माङ सम्बोधनके अश्वासनक बात अछि ई कोनो नव बात नइँ आ एहिमे धोखा नइँ भेटल हुअए से कहबाक जरुरतो नइँ अछि । तहन कारण की अछि ? सत्ता स्वार्थ की बहरियाक दबाब ?

मधेशवादी दलपर उठल प्रश्न गम्भीर त अछिए संगहि आबएबला दिन चुनौतीपूर्ण सेहो अछि । अगर निर्वाचनसँ पहिने जे अडान ल क आन्दोलनमे मधेशवादी दलसब लागल छल पूरा भ गेलनि त जयजयकार हएबे करत मुदा, असफल रहल त जाहि तरहें नेपाली काँग्रेस, एमाले आ माओवादीके मधेशक जिलासँ पत्ता साफ होएबाक सम्भावना छल ओ फेरसँ जगजियार हएत ।
ओहूसँ पैघ बात अछि आबएबला दिनमे मधेशवादी दल कोन मुद्दा ल क मधेशी जनता आगा खाड़ होएत  । राजनीतिक मूल धार की रहत ? ई स्वाभाविक अछि जे मधेश मुद्दाके आब कोइ दबा नइँ सकैत अछि । मुदा प्रश्न ई अछि जे एहि मुद्दाके ल क कोनो नव शक्ति आएत कि मधेशवादीए दल कोनो रणनीति अपनाएत ।
मधेशक बहुतो जिलाके ग्रामीण क्षेत्रमे मधेशवादी दलके संगठन विस्तार जाहि तरहें करबाक चाही से नइँ क सकल अछि । एहनमे सरकारी दलसभ प्रति आमजनमे रहल वितृष्णाक लाभ मधेशवादी दलके भेटबे करतै तकर सम्भावना क्षिण भ जाइछ ।
आब निर्वाचन दू चरणमे होएत ई निश्चित भ चूकल छैक । किए त पहिल चरणक निर्वाचन जे बैशाख ३१ गते होएत, ओकरा लेल उम्मेदवारी दर्ता भ चूकल  । दोसर चरणके निर्वाचन जेठ ३१ गते हएत से घोषणा सरकार क चूकल अछि । दोसर चरणक निर्वाचनमे मधेश केन्द्रित जिलासब पडैÞत अछि । ताहि हेतु एखनो संविधान संशोधनके सम्भावना अछि । मुदा संविधान संशोधन होएत विश्वासक आधार कतहु नहि देखबामे आबि रहल अछि । एमाले अखनो संविधान संशोधनके विपक्षमे अछि से ओकर वक्ततव्यसभसँ बुझाइत अछि । माओवादी सरकारक मुख्य लक्ष्य छल स्थानीय निर्वाचन कराबी, ओहूमे ओ सफलताक बहुत लग करीब(करीब पहुँच चूकल अछि जँ दुनू चरणक निर्वाचन सफल भ जाए ।
मधेशी जनता एखनो मधेशवादी दलपर भरोसा रखने अछि ।तँए बुझाइत अछि जे  बिना संविधान संशोधनके निर्वाचनक सम्भावना न्यून अछि । संविधान संशोधन बिना निर्वाचन भेल त मधेशवादी दल दलदलमे फँसि जाएत आ मधेशक मुद्दा फेर जहिनाके तहिना । मधेशवादी दल शंकाक घेरामेअहू दुआरे अछि जे मधेशवादी दलक संगहि सहकार्य मात्र नइँ अगुवाइ करबला फोरम निर्वाचनमे सहभागी भ चूकल अछि । आब देखबाक ई अछि जे मधेशवादी दलसभ मिल क बनल राजपा नेपाल कि करैत अछि !
शान्ति आ विकास, भ्रष्टाचार अन्त आ जनप्रतिनिधिधरि जनताक सहज पहुँचक लेल निर्वाचन आश्यक छैक । मुदा ओहिसँ पहिने जनता जे मौलिक अधिकारसँ  वञ्चित कएल गेल अछि तकर सम्बोधन संविधानमे आवश्यक अछि । निर्वाचन पश्चात् विकास आ शान्ति, सुरक्षा आ रोजगारी, राजनीतिक द्वन्द्वके अन्त आ अन्तर्राष्टूीय सम्बन्धमे सुधार आनब सेहो आवश्यक अछि ।  नेपालक संविधान २०७२ के घोषणाक बाद द्वन्द्व समाप्त होएबाक बदला बढि़ए गेल अछि जेकर परिणाम अछि जे आइयो मधेश आन्दोलित अछि ।
अखन प्रधानन्यायाधीश सुशिला कार्की उपर महाभियोग, गृहमन्त्री के राजिनामा, मधेशवादी दलद्वारा सरकारके समर्थन आ फोरमके निर्वाचनमे सहभागी होएब, राष्टिूय प्रजातन्त्र पार्टी आ एमालेके बीच चुनावी गठबन्धन होएब आश्चर्यक बात अछि । आखिर एतएके राजनेतासब देशके कत धकेल रहल अछि ।

चाह बेचि क लाखपति

कैलास दास
काज कोनो पैघ आ छोट नइँ होइत अछि । तहन मेहनत करबाक चाही । मेहनतके फल कहियो मिठे होइत अछि । अखुनक अवस्थामे नेपालक अधिकांश लोक वैदेशिक रोजगारीपर निर्भर छैक । देशमे रोजगारी नइँ भेटलाक कारणे वैदेशिक रोजगारीमे जाएबाक बाध्यता रहल आजनके कहब अछि । मुदा धनुषाके एकटा व्यक्ति जे चाह बेचकऽ जीवन यापन करैत आबि रहल छथि ओ ई बात स्वीकार करए लेल तैयार नइँ छथि ।  करीब २० वर्षसँ चाह बेचिकऽ ६ व्यक्तिक परिवार मात्र नइँ चलबैत छथि । अपन बाल–बच्चाके निजी विद्यालयमे बढि़याँसँ शिक्षा–दीक्षा सेहो दिया रहल छथि ।

धनुषाके यदुकोहा वार्ड नं. ५ विर्ता रहनिहार रामऔतार भण्डारीके पुत्र वैद्यनाथ भण्डारी १५ वर्षक उमेरमे अपन बाबु आ मायके छोडि़ जनकपुरधाम आबि गेलनि । घरक अवस्था दयनीय भेलाक कारण ओ किछ रुपैया साथीभाइसँ ल क चाहक दोकान शुरु कएलनि आ आइ लाखोके सम्पति जनकपुरधाममे आर्जन करएमे सफल रहल छथि ।
वैद्यनाथ भण्डारी कहैत छथि ‘हमर घरक अवस्था बहुत कमजोर छल । बाबु दोसरके खेतमे कामकाज क जेना तेना हमरा सभके पालैत–पोसैत छल । ओतेक आम्दानी नइँ छल जे हमरा विद्यालय पठा सकी । आर्थिक तंगी जखन बर्दास्त नइँ भेल त हम एक दिन जनकपुरधाम काजक लेल आबि गेलहुँ । ओहि समयमे हमर उमेर मुस्किलसँ १५ वर्ष रहल हएत । बेसी छोट भेलाक कारणे हमरा कोनो नोकरी नइँ भेटल आ हम उदास भ गेल रही ।’
ओ आगा कहैत छथि ‘एक दिन हमरा किछ फुराएल आ हम तीन–चारि सय रुपैया जेनतेन जोगार क जनकपुर नगरपालिका आगामे चाहक दोकन कएलहुँ । एहिसँ आर्थिक अवस्थामे सेहो सुधार होइत गेल । हम बाबु मायके छोडि़ क जनकपुरधाम आबि गेलहुँ त हुनका सभके बड दुःख लागल रहनि । किएक त बाबु हमरा संगहि काम करए लेल कहैत छल आ हम जनकपुरधाममे चाहक दोकन करए लागल छली । ओहि कारण बाबु–माय बीच दूरी सेहो बढि़ गेल छल । जखन आर्थिक अवस्था नीक होइत गेल त बाबु–माय खुश भेलनि आ हमरा विवाह सेहो क देलनि ।’

ओ कहैत छथि जनकपुरधाममे पच्चीस वर्षसँ चाहक दोकन करैत आबि रहल छी । अखन हमरा परिवारमे ६ गोटे छी । तीन टा बेटी, एकटा बेटा आ दू परानी हमसभ । बच्चासभ नीजी विद्यालयमे पढि़ रहल अछि । ओहीमेसँ एकटा लड़कीके विवाह क लेलहुँ, जाहिमे ७ लाखसँ बेसी खर्च भेल अछि । ओतबे नइँ जनकपुरधामके मुख्य सड़क बगलमे जमीन सेहो अछि जकर दाम वर्तमान अवस्थामे करीब ४० लाखसँ बेसी हेतै । चाह बेचि क दैनिक हमरा २५ सयसँ तीन हजार आम्दानी होइत अछि ।
भण्डारीक अनुसार चाह बेचि क कमाएमे हमरा कनिको लाज नइँ लगैत अछि । बालबच्चा जखन स्कूलसँ पढि़ क अबैत छैक त ओहोसभ दोकानमे बैसत छै । ओना हमर उद्देश्य अछि बच्चाके हम डाक्टर इन्जिनियर बनाबी । जखन हमर बालबच्चा पढि़ लेत तब हम सफल जीवन बुझब से हुनक कथन छैक ।

Monday, April 24, 2017

‘जनकपुरधाम’ आ गामक ‘गोइरा’ खेत

कैलास दास
जनकपुर । गामक लोक सभ सहरमे अबैत छैक । किएक त सहरके वातावरण मात्र नहि, नाला आ सडक सफासुथर सेहो रहैत छैक । जाहिसँ लोक प्रफुलित आ आकर्षित होइत अछि । मुदा नेपालक सभसँ पुरान ऐतिहासिक धार्मिक नगरी जनकपुरके दूदर्शा देखि ऐना लगैत अछि जेना गामक कोनो गोइरा खेतमे आबि गेलीह । धूपक समयमे जखन हावा बहैत अछि तऽ हावा नहि धूलसँ साँस लऽ रहल छी ।
जनकपुर नेपाल आ भारतक लेल ऐतिहासिक धार्मिक सहर के रुपमे जानल जाइत अछि । मुदा एतहे कनिको पानि पडला पर गामक गोइरा खेत बनि जाइत अछि त धूप (रउँदा) निकल तऽ धूले धूलमे साँस लेनाई कठिन भऽ जाइत अछि ।

‘जनकपुरधाम’ नाम बहुत पैघ अछि । एतह के लोक सेहो बहुत सहनशील अछि किएक तऽ जनकपुर धूपके मौसममे धूलेधुल आ पानिक मौसममे थालिमाटि जहाँतहाँ होइतो एतहके लोक सभ अपन घर आ दोकान आगा सफा करए नहि चाहैत अछि ।
धार्मिक, साँस्कृतिक नगरी जनकपुरधामक वातावरणके मापदण्ड कएला सँ ८० प्रतिशत वायु प्रदूषण अछि वातावरण विभागक कहब छनि । जहाधरि सडक आ नालाक बात अछि ओ त ककरो सँ छुपल नहि अछि । जनकपुरमे एक ठाम सँ दोसर ठामधरि जाएबाक लेल चारि पाँच चक्कर मारहिटा पडत । ओहुमे अखुनका अवस्थामे पैदल छी त थालमाटि लगाइएको गन्तव्य स्थल पर पहुँच जाएब । मुदा कोनो गाडी पर सवार छी त कखन कोन ठाममे धसि जाएत कहनाई मुश्किल अछि ।
जनकपुरके नामी चौक रेल्वे स्टेशन, भानु चौक, पिडारी चौक, कदम चौक, विद्यापति चौक, विश्वकर्मा चौक, मालपोत कार्यालय, जिल्ला प्रहरी कार्यालय आगाक सडकक अवस्था कनिके पानिमे बेहाल अछि । जखन धूप छल तऽ लोक धूल सँ परेशान आ अखन पानि अछि तऽ थाल सँ परेशान अछि ।
समस्याक कारण की त ?
आखिरमे एहन समस्या किएक आएल त ? प्रश्न उठनाई स्वभाविकै अछि । ओना व्याङ्गत्मक रुपमे कहल जाए त जनकपुरके कहियो ‘मच्छरके राजधानी’ त कहियो ‘नरकपालिका’ के नाम सँ चर्चा मे लाएल जाइत अछि । मुदा अखन विकासक बेर आएल अछि त ‘धुल आ थालिमाटि’ के नाम सँ जानल जाइत अछि ।
विकासक क्षेत्रमे वर्षौसँ पछाडि पडल जनकपुरके काया पलटक लेल एशियाली विकास बैंकके ऋण सहयोगमे एतहके नाला आ सडक निर्माण भऽ रहल अछि । जाहिसँ जनकपुरवासी बहुत खुश आ उत्साहित अछि । जनकपुर प्रदेशक राजधानी बनत सेहो आशा आ विश्वस्त अछि । मुदा विकासके जे गति अछि ताहि सँ स्पष्ट होइत अछि जे विकास होबए से पहिने एतहके स्थानीयवासी रोगव्याधीसँ ग्रस्त भऽ जाएत । एकर कतेको कारण छैक —पहिल कारण तऽ निर्माण काजक गतिमे तिव्रता नहि आ दोसर— व्यवस्थित किसिमसँ काज नहि भऽ रहल छैक । दू वर्षक भितर मे नाला आ सडकके काज पुरा करबाक छल । मुदा एक वर्षसँ बेसी बित गेल ३० प्रतिशतधरि काज मात्र सम्पन्न नहि भऽ सकल अछि ।
कतहुँ निर्माण काज स्थानीयवासीके ध्यानमे राखिके होइत अछि । व्यापार व्यवसाय, आवात जावत, वातावरण कोना स्वच्छ र सुन्दर रहत निर्माण काजके प्रथम दायित्व होइत छैक । मुदा एतहके निर्माणके ठेकेदार ई सभ मापदण्ड कागजमे मात्र सीमित कऽ देने अछि ।
जनकपुरमे नाला निर्माणके काज चारुदिशसँ भऽ रहल छैक । जाहिके कारण कखनो थालमाटि त कखनो धूलेधुलमे रहए लेल स्थानीयवासी विवस अछि । ई समस्या आवात जावत करएवाला के लेल मात्र नहि सडकक बगलमे दोकान कऽ बैसल  सभसँ बेसी कष्टकर जीवन बिता रहल अछि ।
सम्बन्धित निकाय किएक मौन
राजनीतिक भूमीके रुपमे जनकपुरधाम के मानल जाएत अछि । देशमे अगर कोनो प्रकारक परिवर्तन भेल अछि त ओकर सुरुवात जनकपुरमे भेल अछि राजनीतिक विज्ञ सभक कहब छनि । मुदा जहाँधरि विकासक बात अबैत अछि ताहिमे ‘जनकपुरप्रति विभेद’ रहल आरोप सेहो दावी करैत अछि ।
एतहके सडक अखन कुरुप बनल अछि, मुदा सब निकाय मौन अछि । विभिन्न प्रकारक रोगक सम्भावना सेहो  बढि रहल छैक तकर बादो कोनो आवाज कोनो दिश सँ नहि उठल अछि ।  कहैत अछि —विनाश बिना विकास सम्भव नहि अछि । मुदा एकर मतलव इहो नहि कि विनाश अव्यवस्थित किसिम से होएबाक चाही । अखन जाहि रुपसँ अव्यवस्थित किसिम सँ निर्माण काज भऽ रहल होइतो सम्बन्धित निकाय मौन छैक । एकर एकेटा कारण —विकासके नाममे बाधा नहि होएबाक चाही ।

मुदा एहि पर सहमत होनाई न्यायोचित नहि अछि । विकास निर्माण के साथ साथ व्यवस्थित किसिमसँ होएबाक चाही । कम्तिमे पैदाल, मोटरसाइकल, साइकल आबए जाएवाला रास्ता छुटियाबही टा पडत आ धूपके समयमे सडक पर पानि राखए पडत । एकरा लेल सम्बन्धित निकाय अर्थात नागरिक समाज, व्यापारी, बुद्धिजीवि, राजनीतिक दल सभके आगा आएबाक आवश्यकता अछि ।
की की रोग भऽ सकैत अछि ?
वायु प्रदुषणसँ मनुष्यके स्वास्थ्यमे बहुत असर करैत अछि । एहि सँ मानवके जानधरि जा सकैत अछि । धूलसँ क्यान्सर जेहन रोग भऽ सकैत अछि । एलर्जी, कफ, रुघाखोकी, फोक्सोसम्बन्धी रोग, धूलमे बाहर निकललासँ विशेषकऽ आँखिके सबसँ बेसी असर करैत अछि ।
वर्षातके मौसममे थालमाटि आ दूषित पानि सँ छाला रोग, घाउँघुस होइत अछि त धूलके मौसममे जखन धूल उडिके आँखिमे पडैत अछि आँखिमे इन्फेक्सन होइत अछि ।
पानी दुषित भेलासँ भाइरस, प्रोटोजोवा, ब्याक्टेरिया, परजीवी, जुका, रासायनिक पदार्थ आदिद्वारा मानव स्वास्थ्यमे गम्भीर समस्या देखाईत अछि । वर्षातके समयमे महामारीके रुपमे झाडापखाला, आउँ, हैजा, कमलपित्त, टाइफाइड, जुका, प्रोटोजोवासम्बन्धी रोग दुषित पानीके प्रयोगसँ रोग होइत अछि ।
समाधान कि त ?
आब सभसे पैघ बात अछि जे एकर समाधान की त ? समाधानक लेल निर्माण काज शुरु होनाई पैघ नहि अछि, निर्माण काज सम्पन्न होए से पैघ बात अछि । मुदा जनकपुरमे सेएह समस्या देखल गेल अछि । निर्माण काज चारु दिससँ शुरु तऽ भऽ चुकल, मुदा काज कतहुँ सम्पन्न नहि भेल छैक । काज शुरुवात सँगहि सम्पन्न होएत तब मात्र समस्या समाधान भऽ सकैत अछि ।